लूडो खेल का आविष्कार किसने किया?

लूडो खेल का आविष्कार किसने किया?
लूडो खेल का आविष्कार किसने किया?

आज इस आर्टिकल में हम आपको लूडो खेल का आविष्कार किसने किया? के बारे में जानकारी देंगे-

पहले के समय में लूडो को केवल कार्डबोर्ड की मदद से ऑफलाइन मोड में खेला जाता था, परंतु वर्तमान में इसे ऑनलाइन अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर भी खेला जा सकता है। लेकिन दोस्तों क्या आपको पता है की क्या आपको पता है की लूडो का आविष्कार किसने किया था। लेकिन दोस्तों क्या आपको पता है की क्या आपको पता है की लूडो का आविष्कार किसने किया था, अगर नहीं तो चलिए लूडो से जुड़े हुए कुछ रोचक बातों के बारे में इस लेख में जानते हैं और जानते है।

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लूडो क्या है

इस खेल को तो आप बखूबी जानते हैं. लूडो आज के समय का सबसे प्रसिद्ध खेल हैं।अपने कभी न कभी तो इस खेल को अवश्य ही खेला होगा। यदि हम इस खेल की जड़ो को ढूंढने जाये तो हमारे सामने आती हैं पौराणिक महाकाव्य महाभारत वह घटना जिसमें पांडवों ने द्रोपदी को दांव पर लगा दिया था। लूडो को उस समय “पच्चीसी” के नाम से जाना जाता था। महाभारत के युद्ध का कारण यह पच्चीसी का ही खेल था। सिर्फ महाभारत में ही नहीं बल्कि हिन्दू पौराणिक कथाओ में भी पच्चीसी का उल्लेख मिलता ही।पच्चीसी से संबंधित लगभग सभी हिन्दू देवी-देवताओ से जुड़ी कहानियां हैं।

लूडो खेल का आविष्कार किसने किया

लूडो खेल का आविष्कार भारत में ही हुआ था।भारत में लूडो का नाम एंव नियम में समय के साथ काफी बदलाव आये है लेकिन अगर बात करे कि इसकी शुरुआत किसने कि, तो आपको बता दे कि पुराणों में कहा गया है कि यह खेल जिसे पहले से अब तक में पगड़े, पच्चीसी, चौपड़, चौसड, दायकटम, सोकटम या वर्जेस नाम दिए जा चुके हैं, इसकी शुरुआत भगवान शिव एव कृष्ण के समय से हुई थी. तब से लेकर अब तक खेला जाता है।
भारत में इस खेल का इतिहास लगभग 2000 साल पुराण है। 

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लूडो खेल किस देश का है

लूडो खेल भारत का ही खेल है, क्योकि इस खेल का आविष्कार भारत देश में ही हुआ था जिसे प्राचीन खेलो में से एक माना जाता है।

Final Words

  • आज इस आर्टिकल में हमने आपको लूडो खेल का आविष्कार किसने किया बारे में बताया है।
  • इसको लेकर अगर आपका कोई सवाल या सुझाव हो तो हमे कमेंट करे।

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