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एसी का आविष्कार किसने किया?

आज इस आर्टिकल में हम आपको एसी का आविष्कार किसने किया इसके बारे में बताएगें-

एसी का आविष्कार किसने किया?

आज के समय में एसी के बिना रह पाना बहुत ही मुश्किल हो गाया अगर कहें तो जैसे पानी के बिना जीवन नहीं है वैसे ac के बिना भी रह पाना मुश्किल हो गया. अधिक ठंड हो या गर्मी के कारण हम आसानी से बैठ कर अपना काम नहीं कर पाते है। लेकिन जहां पर एसी लगी होती है, वहां पर टेंपरेचर को नियंत्रित किया जा सकता है. इसलिए ऑफिस, सिनेमा हॉल, घर आदि में एसी आम बात हो गई है लेकिन इससे पर्यावरण को काफी नुकसान पहुंच रहा है. इस पर भी ध्यान देना जरूरी है.

एसी का आविष्कार किसने किया

दुनिया की पहली बिजली से चलने वाली एसी का आविष्कार अमेरिका के रहने वाले विलिस कैरियर (विल्लिस कर्रिएर) ने सन 1902 में किया था. विलिस कैरियरकी यह एसी 7 फुट लम्बी, और 6 फुट चौड़ी थी. इसका नाम एयर कंडीशनर रखा गया था जब इस एसी को 1906 में स्टुअर्ट क्रेमर द्वारा लिया गया था अपनी कपडे की मिल को ठंडा करने के लिए.

एसी में जहरीली गैंस

जो  पहले एसी बना करते थे, उसमें वातावरण को ठंडा करने के लिए अमोनिया मिथाइल क्लोराइड प्रोपेन जैसी जहरीली गैसें भरी होती थी. इस गैस के लीक होने की संभावना के कारण कभी भी गंभीर हादसा हो सकता था इसलिए शुरुआती ऐसी के बाद एक ऐसी होना था जो सुरक्षित हो और जहरीली गैस भरने की आवश्यकता ना हो तो साल 1928 में थॉमस मिडगली जूनियर  ने क्लोरोफ्लोरोकार्बन गैस का निर्माण किया. यह जाए से पहले की अपेक्षा वातावरण को और ज्यादा ठंड  रखती थी और खतरनाक भी कम थी. क्लोरोफ्लोरोकार्बन गैस  पर्यावरण के लिए इसलिए खतरनाक है क्योंकि यह ओजोन परत में छेद कर सकती है.

एसी को बनाने की कहानी

एसी का आविष्कार तो सन 1902 में हुआ था और 1902 से पहले लोग अपने घरो में सिर्फ पंखे का उपयोग करते थे और jyaadaa गर्मी होती थी तो पानी की सहायता से घर की दीवारों को गिला कर दिया जाता था और उस वजह से घर थोड़ा ठंडा तो हो जाता लकिन फिर धीरे-धीरे घर की दीवारे भी खराब होने लग जाती थी. फिर कुछ सालो बाद में गीले कपडे को खिड़की और दरवाजे पर बान्ध कर ठंडा किया जाता था. लेकिन उस समय तक कई घरों में तो पंखें तक नहीं होती थी, पर आज के समय में एक मिनट भी एसी के बिना नहीं रहा जा सकता.

“रेडियो का आविष्कार किसने किया और कब?”

विंडो एसी और स्प्लिट एसी में क्या अंतर है

अगर हम स्प्लिट और विंडो एसी के बीच के अंतर के बारे में बात करते है, तो विंडो एसी आमतोर पर स्प्लिट एसी से काफी सस्ता होता है . विंडो एसी को विंडों पर लगाया जाता है. और स्प्लिट एसी को कमरे कर अंदर दीवार पर लागाई जाती है. विंडो एसी एक डिब्बे के आकार की होती है और स्प्लिट एसी लंबे आकार में होती है.
स्प्लिट एसी की आवाज भी नहीं करती इसको कमरे में लगाने कका पता भी नहीं चलता इसको कही भी लगाया जा सकता है परन्तु इसकी कीमत बाजार में ज्यादा होती है.
विंडो एसी को केवल विंडो वाले कमरे में लगाया जा सकते है और इसकी आवाज आती है परन्तु इसकी कीमत बहुत ही कम होती है स्प्लिट एसी से.

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