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Database क्या है और इसका इस्तेमाल क्यों होता है?

Database क्या है और इसका इस्तेमाल क्यों होता है? : Database जैसा की नाम से ही पता लग रहा है जहाँ पर डाटा रखा जाता है उस जगह को हम database कहते है. Data यानी कोई भी डॉक्यूमेंट, image, video, audio, file इत्यादि data हो सकता है.

अगर आप वेब डिजाइनिंग करते है या आपने सीखना शुरू किया है तो जो हम आपको आगे बताने जा रहे है उसे समझाना और भी आसान हो जायेगा.

Database क्या है?

Database क्या है और इसका इस्तेमाल क्यों होता है?
Database क्या है और इसका इस्तेमाल क्यों होता है?

सबसे पहले आसान भाषा से शुरू करते है ताकि एक non-technical भी इसे आसानी से समझ सके.

आसान भाषा में

कंप्यूटर या मोबाइल दोनों में कोई एक डिवाइस सेलेक्ट कर लें जो आपको अच्छा लगे. इसमें आपने Folder जरुर देखें होंगे जिनके अंदर हम फोटो, गाने और विडियो रखते है. तो उस फोल्डर को हम यहाँ Database मान कर चलते है. और इसका नाम रख देते है Video Database.

Video कई तरह के हो सकते है जिसको हम फिर अलग अलग तरह के folder में रखते है जैसे भजन के फोल्डर में, गानों की विडियो एक फोल्डर में और पर्सनल विडियो एक फोल्डर में. तो इनकों हम table का नाम देंगे.

अब हमारे पास database है जिसमें हमने table रखी है जो हमारे विडियो या दूसरी जरुरी चीजों को मैनेज रखते है.

Technical भाषा में

डेटाबेस एक ऐसा collection है जिसमे structured information store की जाती है. इसको इस तरह से बनाया जाता है की इस्तेमाल करने वाले को इसको access करने में कोई परेशानी ना हो और वो आसानी से CRUD यानी Create, Read, Update और Delete operation परफॉर्म कर सके.

उदाहरण-

मान लेते है आपके पास लिस्ट है जिस में कुछ students के डिटेल्स दिए गए है. इनको आपको सही ढंग से organize करना है ताकि बाद में आप इनको आसानी से access करने के साथ साथ इसमें कुछ फेरबदल करना चाहे हो वो भी कर सके.

तो इनको आप कैसे मैनेज करेंगे-

आपने सही सोचा एक टेबल के जरिये हम इसे आसानी से मैनेज कर सकते है-

Roll No Student Name Father Name Class Name Section Name Fee Amount
1 Student 1 Student 1 Father Class One A 10000
2 Student 2 Student 2 Father Class One A 10000
1 Student 3 Student 3 Father Class Two D 150000

तो यह तरीका सबसे सही है किसी भी डाटा को organize करने के लिए.

अब थोडा और deeply बात करते है इस टेबल के और database के बारे में.

एक Database में हम इस तरह की कई टेबल बना सकते है. और हर टेबल में कुछ कॉलम होते है जिससे हम अपने data को सही ढंग से organize कर सकते है.

यहाँ हमने कॉलम का नाम Roll No, Student Name, Father Name, Class Name, Section Name, और Fee Amount रखा है जिससे हमें डाटा मैनेज करने में आसानी होगी.

Database के प्रकार

  1. Hierarchical database
  2. Relational database
  3. Network database
  4. Object oriented database
  5. Document database

Hierarchical Database

Hierarchical Database Model एक डेटा मॉडल है जिसमें डेटा को पेड़ जैसी संरचना में व्यवस्थित किया जाता है। डेटा को Record के रूप में संग्रहीत किया जाता है जो लिंक के माध्यम से एक दूसरे से जुड़े होते हैं। एक Record Field का एक collection होता है, जिसमें प्रत्येक field में केवल एक Value रखी जाती है।

Hierarchical Database
Hierarchical Database

हर एक Child Record का एक Parent Record होता हैं. Hierarchical Database से डेटा प्राप्त करने के लिए रूट नोड से शुरू करने की आवश्यकता होती है। इस मॉडल को 1960 के दशक में IBM द्वारा बनाया गया पहला डेटाबेस मॉडल माना जाता है।

Relational Database

Relational Database
Relational Database

रिलेशनल डेटाबेस एक डिजिटल डेटाबेस है जो डेटा के रिलेशनल मॉडल पर आधारित है, जैसा कि 1970 में E. F. Codd द्वारा प्रस्तावित किया गया था। रिलेशनल डेटाबेस को बनाए रखने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक सॉफ्टवेयर सिस्टम एक रिलेशनल डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम है।

Network Database

Network Database
Network Database

नेटवर्क डेटाबेस एक प्रकार का डेटाबेस मॉडल होता है जिसमें कई सदस्य रिकॉर्ड या फ़ाइलों को कई मालिक फ़ाइलों से जोड़ा जा सकता है और इसके विपरीत भी जोड़ा जा सकता है।

Object Oriented Database

Object Oriented Database
Object Oriented Database

सीधे शब्दों में कहें तो, ऑब्जेक्ट-ओरिएंटेड डेटाबेस (OODB) वे डेटाबेस होते हैं जो ऑब्जेक्ट और Class के रूप में डेटा का represent करते हैं। इससे पहले हमने आपको OOP Concept के बारे में बताया था जिससे आप OOP के बारे में पूरी जानकारी ले सकते है.

Document-oriented Database

Document-oriented Database
Document-oriented Database

document-oriented database या document store, एक कंप्यूटर प्रोग्राम है जिसे document-oriented information को स्टोर करने, प्राप्त करने और प्रबंधित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिसे अर्ध-संरचित डेटा के रूप में भी जाना जाता है।

Database का इस्तेमाल क्यों होता है?

लगभग आपको पता लग गया है की database का इस्तेमाल क्यों होता है और यह क्यों जरुरी है. लेकिन इसके साथ साथ हम आपको बता देते है की इसकी वजह से ही आप हमारे आर्टिकल को पढ़ पा रहें है.

जी हाँ, हमारा यह आर्टिकल भी एक डेटाबेस में स्टोर किया गया है ताकि इसको इन्टरनेट पर आसानी से एक्सेस किया जा सके.

जब हम इस आर्टिकल को लिख रहे है तो हम Create ऑपरेशन परफॉर्म कर रहे है. जब आप इसे पढ़ रहे है तो आप Read ऑपरेशन का इस्तेमाल करते है. जब हम इसमें कुछ चीजें एडिट करते है और दोबारा से इसको आर्टिकल को अपडेट करते है तो हम Update ऑपरेशन परफॉर्म कर रहे होते है. इसी तरह अगर हम इसको डिलीट कर देते है तो उस दौरान Delete ऑपरेशन परफॉर्म किया जाता है जिसके बाद इस आर्टिकल को कोई एक्सेस नहीं कर सकता.

इसी तरह हम किसी भी डाटा को मैनेज करने के लिए इसका इस्तेमाल कर सकते है. Database को मैनेज करने के लिए कई तरह के सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जाता है जिसे हम DBMS भी कह देते है. इसकी फुल फॉर्म डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम होती है जिसके बारे में हम आपको आगे के सेक्शन में बताएँगे ताकि आपको इससे जुडी पूरी जानकारी मिल सके.

DBMS क्या होता है?

यह एक ऐसा सॉफ्टवेयर है जिसका इस्तेमाल डेटाबेस के मैनेजमेंट के लिए किया जाता है. इसके द्वारा हम आसानी से CRUD ऑपरेशन यानी data create, data Store, Data Update, Data Read और Data Delete ऑपरेशन किये जा सकते है.

DBMS में DDL और DML दो language का काफी हद तक हाथ होता है जो की इन ऑपरेशन को करने में मदद करती है. इनके काम इनके नाम पर ही आधारित होते है जिनकी डिटेल आप इनके सब-सेक्शन में चेक कर सकते है.

DDL – Data Definition Language

इसका काम database Schema और descriptions को मैनेज करने के साथ साथ data को कहाँ पर रखना है सब इसके द्वारा होता है.

इसमें कुछ महत्वपूर्ण टास्क है जिसकी लिस्ट हम आपको नीचे दे रहे है.

  1. CREATE
  2. ALTER
  3. DROP
  4. TRUNCATE
  5. COMMENT
  6. RENAME

CREATE Task

यह एक Query है जिसकी मदद से हम कोई भी डेटाबेस या फिर डेटाबेस के अन्दर टेबल बना सकते है. इन दोनों के लिए अलग अलग क्वेरी होती है जिसका डेमो आप नीचे चेक कर सकते है.

//database बनाने के लिए
CREATE DATABASE databasename; 
//table बनाने के लिए
CREATE TABLE table_name (
    column1 datatype,
    column2 datatype,
    column3 datatype,
   ....
);

ALTER Task

इसकी मदद से हम कोई भी टेबल के अंदर कोई नयी कॉलम बना सकते, मॉडिफाई कर सकते है, या  डिलीट कर सकते है.

//ADD Column
ALTER TABLE table_name ADD column_name datatype; 

//DROP COLUMN
ALTER TABLE table_name DROP COLUMN column_name; 

//ALTER/MODIFY COLUMN
ALTER TABLE table_name MODIFY COLUMN column_name datatype;

DROP Task

इसकी मदद से किसी भी टेबल या डेटाबेस को डिलीट किया जा सकता है.

// Delete Database
DROP DATABASE databasename; 

//delete table
DROP TABLE table_name;

TRUNCATE Task

इसकी मदद से किसी भी टेबल का पूरा का पूरा डाटा डिलीट किया जा सकता है.

TRUNCATE TABLE table_name;

COMMENT Task

इसके इस्तेमाल से किसी भी कोड के execution पर रोक लगाई जा सकती है ताकि जब आप कोड को चेक करना चाहे तो कमेंट किया हुआ ब्लॉक ना चले

--SELECT * FROM Customers;

RENAME Task

इसके इस्तेमाल से किसी भी टेबल के कॉलम का नाम बदला जा सकता है

//SQL syntax 
ALTER TABLE "table_name" Change "column 1" "column 2" ["Data Type"];
// oracle
ALTER TABLE "table_name" RENAME COLUMN "column 1" TO "column 2";

DML – Data Manipulation Language

जैसा की नाम से ही पता लग रहा है की इसका काम डाटा में फेरबदल करना है या कोई नया डाटा ऐड करना है.

जी हाँ, इसकी मदद से हम अपने डेटाबेस में डाटा को स्टोर कर सकते है, मॉडिफाई कर सकते है, डाटा प्राप्त कर सकते है, संसोधित यानी update कर सकते और डिलीट भी कर सकते है.

127.0.0.1 क्या है?

इसमें भी कुछ महत्वपूर्ण टास्क है जिसकी लिस्ट हम आपको नीचे दे रहे है.

  • SELECT
  • INSERT
  • UPDATE
  • DELETE
  • MERGE
  • CALL
  • EXPLAIN PLAN
  • LOCK TABLE

SELECT Task

इसके इस्तेमाल से किसी भी टेबल को सेलेक्ट करके उससे डाटा प्राप्त किया जा सकता है.

//table से डाटा लेने के लिए
SELECT column1, column2, columnN FROM table_name;

INSERT Task

इसकी मदद से आप कोई भी नयी एंटरी कर सकते है.

INSERT INTO TABLE_NAME (column1, column2, column3,...columnN) VALUES (value1, value2, value3,...valueN);

UPDATE Task

इसकी मदद से किसी भी row को मॉडिफाई किया जा सकता है.

UPDATE table_name SET column1 = value1, column2 = value2...., columnN = valueN WHERE [condition];

DELETE Task

इसकी मदद से किसी भी row को डिलीट किया जा सकता है.

DELETE FROM table_name WHERE [condition];

MERGE Task

यह INSERT, UPDATE और DELETE का एक कॉम्बिनेशन होता है.

MERGE PRODUCT_LIST AS TARGET USING UPDATE_LIST AS SOURCE

CALL Task

इसका इस्तेमाल किसी भी routine को execute करने के लिए किया जाता है.

CALL my_procedure(3, 4) ...

EXPLAIN PLAN Task

इसका इस्तेमाल किसी भी Execution Plan को display करने के लिए किया जाता है.

EXPLAIN PLAN
  INTO my_plan_table
 FOR
SELECT last_name FROM employees;

LOCK TABLE Task

इसके इस्तेमाल से एक या इससे ज्यादा टेबल को lock किया जा सकता है.

LOCK TABLE table-Name IN { SHARE | EXCLUSIVE } MODE

DBMS Software के प्रकार

database management system के कुछ सॉफ्टवेयर है जिसकी मदद से Database को मैनेज किया जा सकता है.

हम आपको बता दें की आपको सभी तरह के सॉफ्टवेयर को इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं है. आप सिर्फ उन सॉफ्टवेयर पर काम करें जो आपके प्रोजेक्ट में हेल्प करते हों.

  1. Oracle RDBMS
  2. IBM DB2
  3. Microsoft SQL Server
  4. ADABAS
  5. MySQL
  6. Microsoft Access
  7. SQLite
  8. PostgresSQL
  9. AmazonRDS
  10. MongoDB
  11. Redis
  12. CouchDB
  13. Seqel PRO
  14. Hadoop HDFS
  15. MariaDB

इस तरह के करीबन 50 से भी ज्यादा सॉफ्टवेर है जिनका इस्तेमाल होता आ रहा है.

इनमें से सबसे ज्यादा MySQL, SQLite, PostgresSQL, MongoDB, Redis और MariaDB इस्तेमाल होता है.

मैं खुद की बात करूँ तो मैंने  MySQL, SQLite, PostgresSQL और MongoDB पर काम किया है और ये बहुत ही आसान है.

DBMS के Components

Database Management System को 5 भागों में बाँटा गया है.

  1. Hardware
  2. Software
  3. Data
  4. Procedures
  5. Database Access Language

Hardware

जब हम हार्डवेयर की बात करें तो यह पुरे कंप्यूटर के बारे में जिसमें हार्ड डिस्क, I/O चैनल्स और दुसरे फिजिकल component होते है जिससे हम कोई भी डाटा स्टोर कर सकते है.

Software

यह किसी भी DBMS का मैं Component होते है जिससे हम किसी task को कण्ट्रोल कर सकते है. इससे ही है कोई डाटा स्टोर, एक्सेस और अपडेट कर सकते है.

Data

डाटा वो रिसोर्स है जिसके लिए DBMS को बनाया जाता है. इस डाटा को हम अपने DBMS के द्वारा स्टोर करते है.

Procedures

Procedures एक जनरल इंस्ट्रक्शन होती है जिससे हम किसी भी DBMS का इस्तेमाल कर सकते है. जैसे Setup और Install, Login और Logout etc

Database Access Language

इसकी मदद से हम किसी भी database में डाटा को command के जरिये insert, access, update और delete कर सकते है.

Final Words

आज इस आर्टिकल में हमने आपको Database क्या है और इसका इस्तेमाल क्यों होता है? के बारे में बताया है. आशा करते है की आपको database के बारे में पूर्ण जानकारी प्राप्त हो गयी होगी.

अगर आपको इससे जुडी कोई अन्य जानकारी चाहिए तो आप नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में कमेंट कर सकते है.

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