Health

Yoga क्या है और Yoga के प्रकार

यहाँ इस आर्टिकल में हम आपको Yoga क्या है और Yoga के प्रकार के बारे में बतलाने जा रहे है. योग का हमारे जीवन में एक विशेष महत्व है जिसके बारे में आपको जानना और सीखना बहुत जरुरी है.

Yoga क्या है? What is Yoga in Hindi?

Yoga एक प्राचीन पद्धति है जो की भारत और नेपाल में एक आधात्मिक प्रकिर्या को कहते है जिसमे मन शरीर और आत्मा को एक साथ लाने काम होता है. Yoga के माध्यम से शरीर और मन को पूर्ण रूप से स्वस्थ रखने के लिए किया जाता है, Yoga शब्द और इसकी धारणा बोद्ध धर्म हिन्दू धर्म में ध्यान लगाने से सम्बधित है. भगवत गीता में भी Yoga शब्द का कई बार प्रयोग किया गया है. अगर आपका शरीर मन और आत्मा तीनो स्वस्थ है तो आप स्वस्थ महसूस करते है.

मेडिटेशन के फायदे
मेडिटेशन के फायदे

विष्णुपुराण के अनुसार जीवात्मा और परमात्मा का मिलन ही Yoga है. वर्तमान समय में लोग अपनी व्यस्त जीवन शैली के कारण संतोष पाने के लिए Yoga करते है. Yoga से ना सिर्फ तनाव दूर होता है इसके साथ साथ मन और शरीर को शांती महसूस होती है. आज कल लोग मोटापे से बहुत परेशान है उनके लिए Yoga बहुत ही फायदेमंद है आज Yoga के फायदे का सभी को पता है तभी तो Yoga दुनिया भर में प्रचलित है.

Yoga के प्रकार – Types of Yoga Hindi

Yoga को 4 अलग अलग भागो में उनके काम के अनुशार बाँटा गया है.

मन्त्रयोग

इस Yoga में मन्त्र का उचार्ण किया है और इसको आगे चार भागो में बाँटा गया है

  1. वाचिक
  2. मानसिक
  3. उपांशु
  4. अणपा

हठयोग/अष्‍टांग योग

इसमें को सूर्य और को चन्द्र के समान माना गया है सूर्य और चन्द्र की समान आसन ही हठयोग है। शरीर में कई हजार नाड़ियाँ है उनमें तीन प्रमुख नाड़ियों का का बताया गया है सूर्यनाडी यानि की पिंगला जो दाहिने स्वर का प्रतीक है। चन्द्रनाडी यानि की इड़ा जो बायें स्वर का प्रतीक है। इन दोनों के बीच तीसरी नाड़ी सुषुम्ना है। हठयोग/अष्‍टांग Yoga को नो प्रकार में बाँटा गया है.

  1. यम
  2. नियम
  3. आसन
  4. प्राणायाम
  5. प्रतिहार
  6. प्रत्‍याहार
  7. धरना
  8. ध्‍यान
  9. समाधि

लय योग/कुंडलिनी योग

हर समय चलते, उठते, बैठते, खाना खाते भगवान् का ध्यान करने को लय योग कहा गया है.

राजयोग

राजयोग को सभी Yoga का राजा माना जाता है महर्षि पतंजलि के अनुसार समाहित चित्त वालों के लिए अभ्यास और वैराग्य और विक्षिप्त चित्त वालों के लिए क्रियायोग का सहारा ले कर आगे बढ़ने रहने का रास्ता बताया गया है.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button
Close