बेर के औषधीय गुण

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बेर दो टाइप के होते हैं एक आकार में छोटा होता है और दूसरा आकार में बहुत बड़ा होता है जिसको पेंदी बेर भी कहा जाता है. पका हुआ बेर मीठा होता है कच्चे कड़वे या खट्टे होते हैं. बेर का इस्तेमाल करके आप वजन कम कर सकते हैं, इसके अलावा यह हमारे शरीर को शक्ति देने में मदद करता है. बेर के कुछ ऐसे औषधीय गुण है जिसकी वजह से कई तरह के रोगों को दूर किया जा सकता है. आज इस आर्टिकल में हम आपको बेर के औषधीय गुण के बारे में बताने जा रहे हैं. आलू बुखारा के औषधीय गुण

बेर के औषधीय गुण

बेर के 10 फायदे

गुर्दे के दर्द को दूर करने के लिए बेर का इस्तेमाल

जिन लोगों को गुर्दे के दर्द की समस्या है, उनको बेर के पत्तों को पीसकर उनका लेप बनाकर गुर्दे के दर्द वाले स्थान पर लगाना चाहिए. इससे दर्द में आराम मिलता है.

बालों के झड़ने पर बेर का इस्तेमाल

बेर के पत्तों पानी में उबालकर उसके बाद पत्तों को निकाल कर बाकी बचा पानी हल्का गरम गरम रहने तक सिर धोने पर बाल झड़ने की समस्या और सिकरी जैसे रोग 1 महीने में खत्म हो जाते हैं.

मुंह के छाले दूर करने के लिए बेर का इस्तेमाल

बेर के पेड़ की छाल को उतार कर उसे सुखाकर कूट लें. इसके बाद में इसे छानकर चूर्ण बना लें और मुंह के छाले होने पर इसका इस्तेमाल करने से मुंह के छाले ठीक हो जाते हैं.

क्षय रोग में बेर का इस्तेमाल

क्षय रोग एक भयंकर रोग होता है इसको दूर करने के लिए दिन में चार बार ढाई सौ ग्राम खाना चाहिए. इससे से रोग दूर हो जाता है.

नाक के अंदर फुंसी को ठीक करने के लिए बेर का इस्तेमाल

नाक के अंदर फुंसी बहुत ही दर्द करती है, इसको ठीक करने के लिए बेर को छीलकर लगातार सूंघते रहना चाहिए. इसका इस्तेमाल दो से 3 दिन लगातार करने से नाक की फुंसी ठीक हो जाती है.

दाह रोग में बेर का इस्तेमाल

दाह रोगियों के लिए बेर के पेड़ की गोंद को बकरी के दूध में घोलकर इसका लेप करने से यह रोग दूर हो जाता है. इसके लिए इसका लेप दिन में दो बार सुबह और शाम एक हफ्ता तक लगातार करना पड़ेगा.

आंतों के घाव को भरने के लिए बेर का इस्तेमाल

जब भी किसी इंसान आंत खराब हो जाती है तो उसकी वजह से उनको कोई भी खाना पचाने में बहुत समस्या होती है, जिसकी वजह से उनको शारीरिक कमजोरी आ जाती है. इसके लिए रोजाना सुबह बिना मुंह धोए बेर का सेवन करना चाहिए. इसके बाद में दोपहर में खाना खाने के बाद में बेर खाना चाहिए और रात को सोने से पहले आपको एक गिलास बेर के रस में मिश्री डालकर एक माह तक लगातार इसका इस्तेमाल करने से आंत के सभी रोग ठीक हो जाते हैं.

Final Word

आज इस आर्टिकल में हमने आपको बेर के औषधीय गुण और बेर के द्वारा किए जाने वाले घरेलू उपचार के बारे में बताया है. अगर आपको इसके बारे में कुछ और जानना है तो आप नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में भी कमेंट करके पूछ सकते हैं.

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