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चमेली से रोगों का इलाज

चमेली की खुसबू जितना मन को भाती है उससे ज्यादा ये स्वस्थ के लिए फायदेमंद है चमेली के फूल ओर पत्तियों में कई प्रकार के औषधिक गुण है  हम आप को बतायेगे चमेली कितनी फायदेमंद है इसके क्या-क्या लाभ है.

चमेली से रोगों का इलाज

चमेली से रोगों का इलाज
चमेली से रोगों का इलाज

मुहँ के छाल के लिए

जिन लोगों के मुँह में छाले रहते हैं। उन्हें चमेली के पत्तों को मुँह में रख कर चूसना चाहिए। इससे छाले पूर्ण रूप से ठीक हो जाएँगे।

मसुडो के लिए

चमेली के पत्तो से बने काढ़े से बार बार गरारे करने से मसुडो में दर्द में लाभ होगा.

सिर दर्द के लिए

.कभी  कभी सारा दिन काम करने से सिर दर्द होने लग जाता है इस लिये आप चमेली के फूलो का लेप या चमेली का तेल सिर पर लगाये  ओर कुछ देर तक मालिस करे  सिर दर्द ठीक हो जायेगा.

चर्म रोग के लिए

चर्म रोग होने पर चमेली के  पत्तो का तेल लगाने से आप को लाभ होगा.

कान के लिए

अगर आप को कान की समस्या है तो आप 20 ग्राम चमेली के ताजे पत्ते 100 मिली तिल के तेल में उबालकर  इस के बाद इस तेल को छानकर इस को  कुछ दर रख दे ओर फिर इस की एक एक बूंद कान में डालने से  आप को कान की समस्या में राहत मिलेगी.

पेट के लिए

अगर आप को पेट में दर्द हो तो आप चमेली के तेल को गर्म कर ले ओर इस में रुई का एक फोहा भिगो ले  रुई को नाभि पर रखने से आप का पेट दर्द ठीक हो जायेगा.

100 ग्राम सोया दही या टोफू में प्रोटीन की मात्रा

पेट में कीड़े होने पर

अगर आप के पेट में कीड़े है तो आप चमेली के औषधिक गुण से फायदा हो सकता है चमेली के 10 ग्राम पत्तो को पानी में मिला ले औए इस को पीने से पेट के कीड़े  निकल जाते है.

आँखों के लिए

अगर आप की आँखों में दर्द हो तो आप आँखों को बंद करके आँखों पर चमेली के फूलो का लेप लगाने से आँखों के दर्द में राहत मिलती है.

मोतियाबिंद के लिए

आप चमेली के फूलो से मोतियाबिंद का इलाज कर सकते है  चमेली के फूलो की 5-6 कोमल पखुडियाँ ले इसमें थोड़ी सी मिश्री के साथ ले. इसे आखो की मोतियाबिंद पर लगाये  कुछ दिन में ये समस्या ठीक हो जाएगी.

बिवाई के लिए

अगर आप के पेरो की एडी फटने से आप परेशान हो तो आप के लिए चमेली बहुत ही फायदेमंद है आप चमेली के ताजे पत्ते  के ताजे रस को फटी एडी पर लगाये इससे आप को आराम मिलेगा ओर आप की एडी भी ठीक हो जाएगी.

घाव के लिए

घाव होने पर आप को चमेली के पत्तो के काढ़ा से घाव को धोने से घाव ठीक हो जायेगा. चमेली के पत्तो को तेल में पका ले इस तेल को लगाने से घाव भर जायेगा.

बुखार के लिए

चमेली की पत्ती आवला नागरमोथा और यवसा को बराबर मात्रा में ले इसका काढ़ा बना ले काढ़ा में गुड मिलाकर दिन में 2 बार 30 मिली मात्रा में इस का सेवन करे इससे आप को बुखार में लाभ होगा.

चहरे के लिए

चमेली के 20 फूलो को पीसकर चहरे पर लेप लगाने से चहरे की चमक बढ़ेगी..

उल्टी होने पर

उल्टी होने पर 10 ग्राम चमेली  के सफेद पत्तो के रस को 2 ग्राम कालीमिर्च के चूर्ण में मिला कर चाटने से उल्टी बंद हो जाती है

आप चमेली के जड़ पत्ते फूल तेल सभी का प्रयोग रोगों में कर सकते है इस से आप को बहुत ही फायदा होगा.

 

 

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